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सुख सागर दिन हो या रात हो भव से पार आत्मिक उन्नति क्याहैकुंठा-घुटनक्याहैव्यथा-निराशा जीवन रूपी सागर साहित्यिक विधा जुदाहोकरमिलनेकावादाकरो/इकरारआनेकाज्यादाकरो.मुहब्बतमेंजीनेकायेहीचलनहै/बनोश्याममेरानामराधाधरो शीशा शुभता का भाव महामहिलापत्नी आणिनितीमत्ताजिवनाचेहेत्रीसुत्रअंगिकारूनचालतराहणे.हाचजीवनप्रवासहोय.🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸भंडारा बाधा रूपी लहरों को चीर कर सागर को गागर चाहेकष्टअपार।हरसंकटमेंसाथहो सच्चाई ज्ञान और आनंद सागर प्रधान मानव देह बौद्ध धर्म

Hindi भव सागर Quotes